कोन-(मुन्ना लाल जायसवाल)
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कोन(सोनभद्र)।झोलाछाप डॉक्टर आपको हर गाँव, गली, नुक्कड़ और चौक चौराहे पर मिल जाएंगे। यह इलाज मरीजों का करते हैं, लेकिन लापरवाही ऐसी होती है कि जान तक चली जाती है। कुछ ऐसा ही मामला कोन थाना क्षेत्र के में सामने आया है, यहां सर्दी-जुकाम का इलाज कराने आये एक युवक को झोलाछाप डॉक्टर ने इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी तबियत और बिगड़ गई, कुछ देर बाद युवक की मौत हो गई।
कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा निवासी अजय कुमार (35वर्ष) पुत्र कूड़न सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। सोमवार की शाम वह परिवारीजनों के साथ थाना क्षेत्र के कचनरवा स्थित झोलाछाप हाकिम के पास पहुंचा। उससे सर्दी-जुकाम का उपचार करने को कहा।
परिवारीजनों का आरोप है कि “जुकाम की दवा देने के बजाय झोलाछाप हाकिम ने अजय को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी तबियत बिगड़ने लगी। यह देखकर झोलाछाप के हाथ पांव फूल गए, वह भाग गया। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही अजय ने दम तोड़ दिया।”
वहीं पुरे मामले पर सीएमओ डॉ0 अश्वनी कुमार ने बताया कि “मामला संज्ञान में है, जाँच कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
खुलेआम प्रैक्टिस कर रहे हैं झोलाछाप डॉक्टर –
जिले भर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम प्रैक्टिस कर लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सबसे बड़ी एवं खास बात यह है कि जागरुक लोगों द्वारा जब भी उच्च प्रशासन को इस बारे में शिकायत की जाती है तो कार्रवाई होने से पहले ही इन लोगों को भनक लग जाती है। ऐसे में विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है तथा कई प्रकार के सवाल खड़े कर रही है।