अनपरा- सोनभद्र।
प्रकाश और सौंदर्य के पर्व दीपावली का उल्लास जब ज्ञान के मंदिर डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, परासी के प्रांगण में बिखरा तो वातावरण श्रद्धा, आनंद और सौहार्द की स्वर्णिम ज्योति से आलोकित हो उठा। प्राचार्या रचना दुबे के कुशल नेतृत्व एवं स्नेहिल मार्गदर्शन में आयोजित इस दीपावली-महोत्सव ने विद्यालय को न केवल उजालों से, बल्कि भावनाओं और मूल्यों की गरिमा से भी भर दिया।
विद्यालय परिसर दीपों की मृदुल ज्योति, रंग-बिरंगी झालरों और पारंपरिक सजावट से निखर उठा था। जैसे-जैसे सूर्य अस्ताचल की ओर बढ़ेगा वैसे-वैसे विद्यालय का हर कोना ‘अंधकार पर प्रकाश की विजय’ का साक्षी बन जाएगा। समारोह का शुभारंभ प्राचार्या द्वारा हल्दी-कुमकुम एवं पुष्पांजलि के साथ दीप-पूजन से हुआ — उनके करकमलों से प्रज्वलित दीप ने मानो सम्पूर्ण प्रांगण में उजाला फैला दिया।
इसके पश्चात् विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समूचे वातावरण को भाव-विभोर कर दिया। “राम आयेंगे, आयेंगे राम आयेंगे” जैसे भक्तिपूर्ण समूहगान से लेकर आकर्षक एकल नृत्य, गीत, ‘क्लीन दीवाली—ग्रीन दीवाली’ पर आधारित नाट्य प्रस्तुति तथा रंगोली प्रतियोगिता तक — प्रत्येक प्रस्तुति ने रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति के सौंदर्य को जीवंत कर दिया।
रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “समृद्ध और वैभवशाली संस्कृति” तथा “हरी-भरी दीपावली” जैसे प्रेरणादायक विषयों को साकार किया। वहीं, राम परिवार की सजीव झांकी ने दर्शकों के हृदय में श्रद्धा और भक्ति का भाव जगा दिया। इस प्रकार, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, परासी का दीपावली-महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कार, आनंद और प्रेरणा का ऐसा संगम बना जिसने प्रत्येक हृदय में नई ऊर्जा और प्रकाश का संचार किया।
समापन अवसर पर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा — “दीपावली केवल दीप प्रज्वलन का उत्सव नहीं, यह अंतःकरण के अंधकार को मिटाकर ज्ञान, करुणा और प्रेम का आलोक फैलाने का संदेश देती है। हम सबको चाहिए कि हम अपने व्यवहार और कर्म में भी प्रकाश का संचार करें।” विद्यार्थियों से “ग्रीन दिवाली” का संकल्प लेने का आह्वान किया —“आओ, इस दीपावली पर हम पर्यावरण-स्नेही बनें, पटाखों से दूरी रखकर जरूरतमंदों के जीवन में मुस्कान और प्रकाश बाँटें। सच्चा उजाला वही है जो हमारे भीतर भलाई, समरसता और सेवा का दीप जलाए।”
प्राचार्या ने इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए अपने अभिभावकों और शिक्षक-सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने समर्पण और उत्साह से कार्य कर इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। अंत में उन्होंने समस्त विद्यालय परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा —
“प्रत्येक दीप इस वर्ष हमारे जीवन में ज्ञान, सद्भाव और सच्चे आनंद का प्रकाश फैलाए।”
इस अवसर को सफल बनाने में मंच संचालन का दायित्व छात्र शिवांश मिश्रा एवं छात्रा तन्वी बर्मन ने कुशलतापूर्वक निभाया। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संचालन में सरोज चौधरी (प्रार्थना सभा प्रभारी), डॉ. गौरव मिश्रा (संगीत शिक्षक) तथा शिक्षिकाएँ कांति सिंह, अनीता सिंह,प्रतिमा कुमारी और शिक्षक अभिषेक नाथ शुक्ला का विशेष योगदान रहा।
