खोंचा बैगा बस्ती,जल जीवन मिशन के दौर में भी प्यास से जूझती ज़िंदगी
कोन-(मुन्ना लाल जायसवाल)
मो0-9792806504
–विकास के दावे फीके, बैगा बस्ती में नहीं बूंदभर स्वच्छ पानी
कोन(सोनभद्र)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना हर घर जल जीवन मिशन के तहत पूरे देश में हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन विकास खंड कोन के ग्राम पंचायत चांची कला के टोला खोंचा बैगा बस्ती में आज भी यह योजना सिर्फ़ कागज़ों तक सीमित दिख रही है। यहाँ के सैकड़ों ग्रामीण अब भी चुआड़ और गड्ढों का दूषित पानी पीने को विवश हैं।
स्थानीय निवासी सुखाड़ि बैगा ने बताया, “साहब, हम लोग रोज सुबह-शाम जंगल के पास बने चुआड़ से पानी भरने जाते हैं। बरसात में पानी गंदा हो जाता है और कई बार बच्चे बीमार पड़ जाते हैं। हमने प्रधान और अफसरों से बार-बार कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। नल लगाने की बात बहुत दिन पहले हुई थी, पर अभी तक कोई पाइप नहीं पहुँचा।
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के गाँवों में जल जीवन मिशन के तहत नल और टंकी दोनों की सुविधा शुरू हो चुकी है, मगर खोंचा बस्ती में आज भी लोगों को आधा किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ता है। महिलाएँ और बच्चे रोजाना घंटों पानी भरने में लगाते हैं, जिससे शिक्षा और अन्य कामकाज पर असर पड़ रहा है।
गाँव के बुजुर्गों का कहना है कि यह इलाका पहाड़ी और आदिवासी बहुल है, इसलिए अक्सर सरकारी योजनाएँ यहाँ तक नहीं पहुँच पातीं। उन्होंने जिला प्रशासन से माँग की है कि इस बस्ती को प्राथमिकता में शामिल कर जल्द से जल्द नल-जल की सुविधा दी जाए।