वीर बहादुर सिंह/सोनभद्र
- वक्ताओं ने माल्यार्पण कर किया याद, मार्ग का अनुसरण करने का लिया संकल्प
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के सभागार में शनिवार को भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जी की 195वीं जयंती मनाई गयी। वक्ताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें याद किया और उनके मार्ग का अनुसरण करने का संकल्प दिलाया।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष जगजीवन सिंह एडवोकेट ने कहा कि भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की नींव रखी जब समाज इसका घोर विरोध करता था, उन्हें लोगों द्वारा पत्थर मारे गए, उनका अपमान और उनके साथ भेदभाव किया गया, लेकिन उन्होंने शिक्षा को हथियार बनाकर महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक शुरुआत की थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश यादव ने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक बहादुर समाज सुधारक थीं। उन्होंने ऐसे समय में महिलाओं की शिक्षा के लिए लड़कर भारतीय इतिहास का रुख बदला, जब लड़कियों को पढ़ने का अधिकार नहीं था। उनका संघर्ष केवल शिक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि समानता और मानवता के लिए भी था। यही वजह थी कि कई बार समाज के लोगों ने उनका अपमान किया, पत्थर फेंके, लेकिन वह रुकी नहीं। अपना मिशन जारी रखा। लड़कियों और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए स्कूल खोले।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट व संचालन महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर राजेश मौर्य, विजय बहादुर सिंह, सुरेश कुशवाहा, अशोक जालान, कामता यादव, टीटू गुप्ता, शांति वर्मा आकृति, निर्भया,सरस्वती, पूजा सिंह, बिंदु, शैलेन्द्र कुमार, राजकुमार पटेल,नवीन पाण्डेय,मो याक़ूब, यजमी बेगम आदि मौजूद रही।